अजमेर में गत दिनों हुई 22 वर्षीय संध्या की मौत को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। साथ ही मृतक आश्रितों को 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी एवं घटना की जांच करने की मांग जिला प्रशासन से की। सड़क पर बने गड्डो व प्रतिंबधित होने के बावजूद ट्रकों की आवाजाही पर कार्रवाई करने की मांग की। जिला संयोजक आशीष सोनी ने बताया- 22 वर्षीय संध्या नामक एक युवती की एक अवैध ट्रक (10) चक्का) द्वारा प्रतिबंधित समय में क्षेत्र में कुचले जाने के कारण मौत हुई। यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि नियमों और कानूनों का उल्लंघन किस हद तक हो रहा है। सवाल यह उठता है कि जब इस क्षेत्र में इस समय में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित था, तो वह ट्रक कैसे पहुंचा? अत: संध्या के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा तल्काल प्रदान किया जाए। यह भी मांग की गई कि संध्या के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि उनका जीवनयापन सुचारु रूप से हो सके। साथ ही सड़क पर बने गड्डो के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की मांग की। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए कठोर प्रशासनिक कदम उठाए जाएं तथा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। …. पढें ये खबर भी…. अजमेर में युवती को ट्रक ने रौंदा, मौत:एक पैर शरीर से अलग हुआ, पिता के साथ स्कूटी पर जा रही थी अजमेर के वरुण सागर रोड पर गुरुवार को एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवती वरुण सागर रोड निवासी संध्या (22) पुत्री गनानंद बालोटिया गंभीर घायल हो गई।उसका एक पैर शरीर से अलग हो गया। परिवार के लोग उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची गंज थाना पुलिस ने ट्रक को जब्त किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। (पढें ये खबर)
