इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर जेतपुर से तुर्क बागड़ी तक 6 किलोमीटर का बायपास निर्माण कार्य विवादों में है। यह प्रोजेक्ट 10 करोड़ रुपए की लागत से शुरू किया गया था। लोक निर्माण विभाग को दिया गया यह काम जनवरी 2023 में शुरू हुआ था। इसे 30 जून 2024 तक पूरा किया जाना था। शुरुआत में तेज गति से चल रहा काम बाद में धीमा पड़ गया। डेढ़ साल की निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा है। निर्माण की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। पहली बारिश में ही सड़क से चूरा निकलने लगा है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क के कुछ हिस्सों में डामर की दो परतें अभी लगानी बाकी हैं। जल्दी बारिश आने के कारण काम रोकना पड़ा। यह बायपास इंदौर से मांडू जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है। विभाग की लापरवाही के कारण न केवल प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ी है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं है। शोल्डर का काम नहीं हो पाया शुरू
विभाग ने कुल 6 किलोमीटर की सड़क पर डामर की परत चढ़ा दी है। बारिश के बाद जगह-जगह चूरी निकल रही है। विभाग का कहना है कि बटालियन से लेकर मांडू जंक्शन तक डामर का काम पूरा हो चुका है। वहीं बटालियन से इंदौर रोड तक डामर की दो परत का काम बाकी है। जबकि हकीकत यह है कि जिस स्थान पर विभाग तीन परत बता रहा है, वहां भी कई जगह चूरी निकल रही है। अब तक शोल्डर का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। इसी के साथ साइन बोर्ड सहित अन्य काम बाकी है। दो साल बाद भी नहीं बना बायपास
वर्तमान में इंदौर की ओर से आने वाले भारी वाहनों और यात्रियों को जेतपुरा होते हुए शहर के अंदर प्रवेश कर इंदौर नाका तक आना पड़ता है। इसके बाद वे मांडव लिंक रोड होते हुए मांडव या धामनोद की ओर जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी भारी वाहनों के आने के कारण होती है। शहर के अंदर हादसों का भी डर रहता है। यातायात भी गड़बड़ाता रहता है। ट्रकों के निकलने के कारण मांडव लिंक रोड बार-बार खराब हो जाता है। इसी को देखते हुए बायपास बनाना तय हुआ था। लेकिन यह दो साल से ज्यादा समय निकलने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया। ‘बारिश के बाद पूरा काम कर लिया जाएगा’
पीडब्ल्यूडी धार के एसडीओ भास्कर मालवीय का कहना है कि कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है, मांडू रोड तक काम पूरा हो चुका है। बारिश के कारण काम रोक दिया है, बारिश के बाद पूरा काम कर लिया जाएगा।
