मुठभेड़ के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर बदमाशों को दबोचने वाले स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा यूनिट के चार मुख्य आरक्षियों को उनके साहस और वीरता के लिए पराक्रम पदक के लिए चुना गया है। इसकी जानकारी विभाग की ओर से गुरुवार को साझा की गई। जिन पुलिसकर्मियों को पराक्रम पदक दिया जाएगा उनमें हेड कॉन्स्टेबल भूपेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह, अनिल कुमार और मनोज कुमार शामिल हैं। आगामी 26 जनवरी को सभी को पदक मिलेगा। यह पदक राष्ट्रपति सचिवालय और गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं के प्रावधानों के तहत प्रदान किया गया है। एसटीएफ नोएडा के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा ने बताया कि चारों मुख्य आरक्षियों की इस वीरता ने न केवल एसटीएफ बल्कि पूरे पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है। पराक्रम पदक का यह सम्मान ऐसे पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो कठिन परिस्थितियों में भी जनसुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं। इससे अन्य पुलिसकर्मियों को भी बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। घायल होकर भी पीछे नहीं हटे भूपेंद्र
सात जनवरी 2019 को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एसटीएफ ने 25 हजार के इनामी अपराधी सौरभ और उसके साथी संदीप तेवतिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह अपराधी की गोली लगने से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने साहस और सूझबूझ से दोनों अपराधियों को पकड़ लिया था। गोली लगने के बाद भी उनका मनोबल डिगा नहीं था। लहूलुहान हालत में भी उन्होंने बदमाशों पर काबू पाया। अनिल ने एक लाख के इनामी को किया ढेर
दो साल पहले 20 फरवरी 2023 को बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक लाख के बदमाश अपराधी साहब सिंह उर्फ सुनील को ढेर किया गया था। यह दुर्दांत अपराधी अपराधी वर्ष 2001 में गोंडा में हुई पांच हत्याओं और कई लूट की घटनाओं में वांछित था। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के मुख्य आरक्षी अनिल कुमार और बुलंदशहर पुलिस के मुख्य आरक्षी मोहित मलिक घायल हो गए थे। दोनों की हिम्मत को सबने सराहा था और पीड़ित परिवार को 22 साल बाद न्याय मिला था। बिजेंद्र ने बावरिया गैंग के सदस्य को दबोचा
वर्ष-2017 में इलाहाबाद बैंक, गोंडा में 50 लाख रुपए की लूट और गार्ड की हत्या करने वाले बावरिया गिरोह के सदस्य और एक लाख के इनामी अपराधी बिजुआ उर्फ विजय सिंह बावरिया को 5 मई 2019 को गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान मुख्य आरक्षी बिजेंद्र सिंह बदमाश की गोली से घायल हो गए थे। बावजूद अपराधी को दबोच लिया था। बदमाश ने बिजेंद्र पर जान से मारने के मकसद से गोली चलाई थी। मनोज हुए पर अपहरणकर्ता को दबोच लिया
मथुरा के चर्चित डॉ. विकल्प अग्रवाल अपहरण कांड में एक लाख का इनामी अपराधी अनूप को यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरीर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अपराधी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरक्षी मनोज कुमार घायल हो गए थे।बावजूद उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए अपराधी को पकड़ा था।
