बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में गुरुवार को पांच साल बाद कार्यकारी परिषद की मैराथन बैठक का आयोजन हुआ। यह बैठक बीएचयू के होलकर भवन में दोपहर तीन बजे शुरू होकर देर रात एक बजे तक चली। करीब 11 घंटे तक चली इस बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों से जुड़े कुल 35 अहम एजेंडों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का मुख्य फोकस विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और आधारभूत सुविधाओं पर रहा। सुरक्षा पर बड़ा फैसला: चार महीने में सीसीटीवी कैमरे बैठक का सबसे अहम मुद्दा कैंपस की सुरक्षा रहा। ईसी सदस्यों ने निर्णय लिया कि अगले चार महीनों में पूरे बीएचयू परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। यह कदम छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही हॉस्टलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और ठहरने पर सख्त प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया गया है। यदि भविष्य में किसी हॉस्टल में बाहरी व्यक्ति के रहने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित वार्डन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। प्रमोशन की होगी पारदर्शी नीति बैठक में प्रमोशन की पारदर्शी नीति बनाने पर भी सहमति बनी। अब विश्वविद्यालय में किसी कर्मचारी या शिक्षक का प्रमोशन “चेहरा देखकर” नहीं किया जाएगा, बल्कि तय मानकों और नियमों के अनुसार पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। इसके लिए एक नई नियमावली तैयार की जाएगी, जिससे विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिल सके। तेलुगू प्रोफेसर निलंबित, सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक बैठक में तेलुगू विभाग के प्रोफेसर वेंकटेश्वरलू के निलंबन को भी अनुमोदन मिला। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को सोशल मीडिया और अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बीएचयू के खिलाफ या नकारात्मक टिप्पणी करने पर रोक लगा दी गई है। इसका उद्देश्य संस्थान की छवि को बनाए रखना है। नए गेस्ट हाउस और मेडिकल सुविधाओं में सुधार बीएचयू परिसर में 400 बेड का नया गेस्ट हाउस बनाए जाने की योजना को भी मंजूरी दी गई। साथ ही ट्रॉमा सेंटर और विश्वविद्यालय अस्पताल के संचालन के लिए विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था ईसी बैठक से पहले ही होलकर भवन को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। बैठक में कई वीआईपी अतिथि, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र पांडेय जैसे भाजपा नेता भी शामिल थे, सायरन लगी गाड़ियों के साथ पहुंचे। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, सदस्य यूपी शाही और रजिस्ट्रार प्रो. अरुण सिंह भी बैठक में मौजूद रहे।
