120 साल पहले सिंधिया रियासत काल में शुरू हुई नैरोगेज ट्रेन भले ही पांच साल पहले बंद हो चुकी है, लेकिन अब यह सिर्फ सफर नहीं बल्कि इतिहास की सैर आने वाले समय में कराएगी। कभी ग्वालियर से श्योपुर के बीच चलने वाली नैरोगेज को रेलवे अब हेरिटेज लुक में चलाने की तैयारी कर रहा है। दो कोच की नैरोगेज ट्रेन पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए घोसीपुरा, मोतीझील से होते हुए बामौर गांव तक चलाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इससे इंदौर के पातालपानी–कालाकुंड के बाद अब ग्वालियर-बामौर गांव हेरिटेज सेक्शन घोषित हो सकता है। गुरुवार को पहली बार रेलवे बोर्ड की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेरिटेज आशिमा मेहरोत्रा और बोर्ड के डीडी राजेश कुमार सर्वे के लिए ग्वालियर पहुंचे। 120 साल पहले… सिंधिया रियासत में शुरू हुई ग्वालियर में नैरोगेज ट्रेन, अब हेरिटेज स्टेटस मिलने की संभावना समझें ब्रॉडगेज-नैरोगेज में अंतर
