उज्जैन के खिलाड़ियों के लिए एक अच्छी खबर है। प्रैक्टिस के दौरान मैदान में चोट या मोच आने पर उज्जैन के खिलाड़ियों को अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। ग्राउंड में ही उन्हें हाई टेक्नोलॉजी से तैयार मशीन से मसाज हो जाएगी। भोपाल-ग्वालियर के बाद अब उज्जैन में भी यह सुविधा शुरू हो गई। इसके लिए खेल मुख्यालय भोपाल ने हाईटेक मशीनें भेजने के साथ ही खिलाड़ियों को नि:शुल्क थैरेपी देने के लिए फिजियोथैरेपिस्ट भी नियुक्त कर दिया है। ज्ञात रहे पिछले एक साल में उज्जैन में खिलाड़ियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं मिलना शुरू हो गई। पिछले साल 11.45 करोड़ से नानाखेड़ा स्टेडियम को सर्वसुविधायुक्त कर दिया। यहां हर दिन और शाम को सैकड़ों खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए पहुंचने लगे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खेल विभाग ने खिलाड़ियों की सुविधा के लिए अब थैरेपी देने की सुविधा भी शुरू करा दी। इसके लिए मुख्यालय भोपाल से ही 3 हाईटेक मशीनें आई है। इनडोर स्टेडियम में खुले इस थैरेपी सेंटर का स्थानीय खिलाड़ियों को फायदा भी मिलने लगा है। प्रदेश का ऐसा तीसरा स्टेडियम : नानाखेड़ा स्टेडियम प्रदेश का ऐसा तीसरा स्टेडियम है, जहां खेल की प्रैक्टिस के लिए सुविधाएं हैं। चोट या मोच आने पर मौके पर ही तत्काल थैरेपी दी जा सकती हो। अवार्डी खिलाड़ियों के लिए मुफ्त थैरेपी फिजियोथैरेपिस्ट सुनीलकुमार सेन ने बताया कि सेंटर पर अवार्डी खिलाड़ियों के लिए नि:शुल्क थैरेपी देने की सुविधा है। अन्य सामान्य खिलाड़ियों से भी सिर्फ नॉमिनल शुल्क पर ही यह सुविधा दी जा रही है। मार्केट में जो अल्ट्रासाउंड व इलेक्ट्रो थैरेपी 1000 से 1500 रुपए में होती है, वह यहां 150-200 रुपए में ही दी जा रही है। आने वाले समय में ठंडी व गर्मी के साथ सिकाई वाली मशीनें भी आएंगी। एक मिनट में ही तत्काल रिपोर्ट अपडेट खिलाड़ियों के लिए आई मशीन इतनी हाईटेक है कि मशीन पर खड़े होते ही एक मिनट में वह पूरी बॉडी का चेकअप करते हुए तत्काल रिपोर्ट पेश कर देती है। इसमें उम्र में हाइट के हिसाब से वजन से लेकर फेट तक सब कुछ बता देती है। इसकी कीमत 10 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। इसके अलावा सेंटर पर इलेक्ट्रो थैरेपी, अल्ट्रासाउंड (आईएफटी), टेंस (बीएमआई) मशीनें मिल चुकी हैं। खिलाड़ियों काे रिकवर करने में मदद मिलेगी स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए सुविधाएं शुरू की जा रही है। भोपाल-ग्वालियर के बाद उज्जैन के खिलाड़ियों के लिए भी मैदान में ही थैरेपी सुविधा शुरू हो चुकी है। हाईटेक मशीनों से चोट या मोच तो तत्काल रिकवर करने में मदद मिलेगी। – ओपी हरोड़, जिला खेल अधिकारी
