जिले में हुई अतिवृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खरीफ की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और अब रबी की बुवाई पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार डीग, कामां और जुरहरा तहसीलों के 61 गांव जलभराव से प्रभावित हैं। अब तक 10,401 हेक्टेयर भूमि पर फसल नुकसान और 12,919 किसानों के प्रभावित होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, किसानों का कहना है कि जमीनी स्तर पर करीब 25 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है। डीग जिले की कुल कृषि योग्य भूमि 1,99,716 हेक्टेयर है, जिसमें 27,221 हेक्टेयर असिंचित तथा 1,72,495 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र शामिल है। जिले में 2,46,809 किसान पंजीकृत हैं, जिनकी जीविका खेती पर ही निर्भर है। बारिश से खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण खरीफ की फसलें चौपट हो गई हैं। वहीं, समय पर पानी की निकासी नहीं होने पर रबी की बुवाई पर भी संकट मंडराने लगा है। किसानों का कहना है कि “फसल तो गई, अब अगली की तैयारी भी नामुमकिन लग रही है।”
