भाजपा देश भर में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान शुरू करने जा रही है। तीन महीने तक चलने वाले इस अभियान में भाजपा हर घर में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील करेगी। हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी को मूल मंत्र बनाकर भाजपा प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर कार्यशाला करेगी। प्रदेश कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करके भाजपा सांसद और आत्मनिर्भर भारत अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक सीपी जोशी ने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन-जन का अभियान बनाकर इससे देश का हर नागरिक जुड़े, यह हमारा लक्ष्य है। अभियान के तहत महिला और युवा उद्यमियों के सम्मेलन से लेकर अनेक कार्यक्रम तय किए गए हैं। आने वाले तीन महीनों में इन कार्यक्रमों को प्रदेश, जिला और मंडल की टोलियां मूर्तरूप देंगी। यह अभियान 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश में 85 प्रतिशत दैनिक उपयोग व खाने-पीने की वस्तुओं को लेकर स्वदेशी अपनाने का आग्रह करना है। जीएसटी रेट में सुधार से लोगों का जीवन होगा खुशहाल: साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। नए सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। जीएसटी रेट में अभूतपूर्व सुधार आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाले हैं। जीएसटी रिफॉर्म्स अभियान के प्रदेश संयोजक यशवंत जैन ने कहा कि जीएसटी काउंसिल के ताजा निर्णय से समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत बनाने देश में बनी वस्तुएं खरीदेंः किरण देव प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए हमें देश में निर्मित वस्तुओं की खरीदी करनी है। आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान की प्रदेश संयोजक रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि 140 करोड़ लोग स्वदेशी वस्तुओं का करेंगे तो भारत को आत्मनिर्भर बनने से कोई नहीं रोक सकता। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने किया। भारत में 25 करोड़ लोग एक दशक में गरीबी रेखा से बाहर आए जोशी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। वर्ष 2014 से चाहे चावल का निर्यात हो या गेहूं का उत्पादन अथवा दुग्ध उत्पादन का, भारत दुनिया में सिरमौर बना है। सेमी कंडक्टर चिप से मोबाइल उत्पादन, चंद्रयान से आदित्य यान, ब्रह्मोस से लेकर तेजस जैसे फाइटर प्लेन बनाने तक भारत नए-नए आयाम गढ़ रहा है।
