बीकानेर| आचार्य महाश्रमण के आज्ञानुवर्ति उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार के पावन सान्निध्य में तप अभिनंदन समारोह का आयोजन रखा गया। इस अवसर पर मुनि कमल कुमार ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि विनय-सारिका का जीवन साधनामय है दोनों का नियमित प्रवचन सामायिक का क्रम देखकर मन प्रसन्न होता है। मासखमण करना कठिन है परंतु नियमित सामायिक प्रवचन में होना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि आडम्बर मुक्त साधना युक्त तपस्या ही वास्तव में तपस्या होती है। संयोग से प्रियंका रांका ने भी तपस्या प्रारंभ कर रखी है। आज तीनों के 27 की तपस्या है। तीनों ही नई लाईन में पास पास ही रहने वाले होने से साता पुछने आने वालो के लिए तथा गीतिका सुनाने वालों को भी सुविधा हो जाती है।
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