महुआडांड़ | रविवार को माताओं ने आस्था और श्रद्धा के साथ जीतिया व्रत किया। परंपरा के अनुसार सभी महिलाओं ने निर्जला उपवास रखते हुए अपने बच्चों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भगवान से की। सुबह से ही व्रतधारी माताएं बिना जल ग्रहण किए पूजा-अर्चना में लीन रहीं। विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में महिलाएं एकत्रित होकर भगवान से संतान की मंगलकामना करती दिखीं। व्रतियों ने पूरे दिन कठोर नियम का पालन किया और शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
