एशियाई देशों में हो रही साइबर ठगी के पीछे लखनऊ के एक सिमकार्ड दुकानदार की संलिप्तता सामने आई है। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और टेलीकॉम विभाग ने जांच में ऐसे 27 मोबाइल नंबर चिन्हित किए हैं, जो जाली पहचान पत्र पर सिम जारी किए थे। डीआईजी साइबर क्राइम पवन कुमार के निर्देश पर साइबर क्राइम सेल ने जांच की। पुष्टि होने पर प्रभारी साइबर सेल प्रशांत कुमार ने विक्रेता फरहान के खिलाफ गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया। जांच में सामने आया कि फरहान ने पॉइंट ऑफ सेल से करीब 27 सिमकार्ड बेचे थे, जिनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट समेत कई तरह की साइबर ठगी में किया गया। इन मोबाइल नंबरों पर नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (NCRP) पर कई शिकायतें भी दर्ज हैं। I4C ने संदिग्ध नंबरों और वेंडरों की सूची साइबर पुलिस पोर्टल पर अपलोड कर दी है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी पर अंकुश लगाया जा सके।
