लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 4 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नई काउंसलिंग के आदेश पर रोक लगा दी है। यह कॉलेज अम्बेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर में स्थित हैं। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि एससी वर्ग के छात्र, जिन्हें पहले से निर्धारित आरक्षण सीमा से अधिक प्रवेश दिया गया था, उन्हें अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 82 रिक्त सीटों पर समायोजित किया जाएगा। इनका समायोजन इस प्रकार किया जाए कि पहले से प्रवेश पाए एससी छात्रों के अधिकार पर कोई प्रभाव न पड़े। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में शपथ पत्र देने का निर्देश दिया है। इस शपथ पत्र में सरकार को यह बताना होगा कि अगले सत्र से आरक्षण अधिनियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। यदि सरकार समय पर शपथ पत्र नहीं देती है, तो यह अंतरिम आदेश स्वतः निरस्त हो जाएगा। राज्य सरकार के विशेष वकील जेएन माथुर ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि आगामी सत्र में आरक्षण नियमों का पूर्ण पालन किया जाएगा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि चारों कॉलेजों में रिक्त सीटें अगली काउंसलिंग में ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए उपलब्ध होंगी। यह व्यवस्था केवल वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए लागू रहेगी।
