हत्या आरोपी पूर्व ब्लॉक समिति प्रतिनिधि ने किया सुसाइडर:CIA की दबिश में निगला जहर, पुलिस इंस्पेक्टर सहित 28 लोगों को ठहराया जिम्मेदार

हरियाणा के करनाल जिले के इंद्री में एक हत्या केस के आरोपी और ब्लॉक समिति की पूर्व चेयरपर्सन पूनम के पति दीनानाथ ने पुलिस की दबिश के दौरान घबराहट में जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। यमुनानगर सीआईए-2 की टीम एक अन्य आरोपी की तलाश में अंबाला के मुलाना में छापेमारी के लिए गई थी। इस दौरान दीनानाथ ने पुलिस को देखकर घबराहट में जहर निगला। पुलिस द्वारा दीनानाथ को पकड़कर यमुनानगर लाने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। पुलिस द्वारा पूछने पर उसने जहरीला पदार्थ खाने बारे बताया। इसके बाद पुलिस घबरा गई और उसे तुरंत यमुनानगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुसाइड नोट और वीडियो में सीआईए इंचार्ज सहित 28 लोगों पर आरोप करनाल के इंद्री स्थित गांव गढ़ी लबकरी निवासी दीनानाथ(43) ने अपनी मौत से पहले एक सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने तत्कालीन करनाल सीआईए इंचार्ज (इंस्पेक्टर) सहित 28 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। सुसाइड नोट और वीडियो में दीनानाथ ने इन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले में सुसाइड नोट जब्त कर जांच शुरू कर दी है। सूचना मिलने पर दीनानाथ के परिजन अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मांग की है कि सुसाइड नोट में उल्लिखित सभी 28 लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, परिजनों ने उस पुलिस टीम के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, जो दीनानाथ को पकड़कर लाई थी। उनका कहना है कि पुलिस की कार्यशैली के कारण दीनानाथ ने यह कदम उठाया। फायरिंग के आरोपी की तलाश में दबिश पर थी सीआईए जानकारी अनुसार सोमवार को यमुनानगर की सीआईए-2 टीम फायरिंग के मामले में एक फरार आरोपी की दबिश में मुलाना पहुंची थी। उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी वहां एक पीजी में छिपा हुआ है। इस दौरान उन्होंने पीजी पहुंच एक कमरे का दरवाजा तो अंदर से दीनानाथ बाहर निकलकर आया। पुलिस की पूछताछ में दीनानाथ ने घबराकर बता दिया कि वह एक हत्या के मामले में जमानत पर आने के बाद से फरार चल रहा है। सीआईए की टीम दीनानाथ को पकड़कर अपने साथ ले आई। रास्ते में आते समय जगाधरी के नजदीक अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ गई। इस बार पूछने पर उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर निगल लिया है। जहर निगलने की बात सुनते ही सीआईए टीम घबरा गई और आरोपी को तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर आई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दीनानाथ की को दोपहर में एक बजे अस्पताल लाया गया था तो उन्हें 3 बजे सूचना क्यों दी और वो भी तब जब उसकी मौत हो चुकी थी। पत्नी ने दी शिकायत करनाल के इंद्री स्थित गढ़ी लबकरी निवासी पूनम ने मुलाना(अंबाला) पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 2014 में दीनानाथ के साथ हुई थी जिससे उसके पास दो बच्चें हैं। विक्रम निवासी लबकारी जो दीनानाथ का दोस्त था और विषुभ ने अपने हिस्से की जमीन बेचने के लिए वर्ष 2018 में घड़ी बीरवल के व्यक्ति के साथ बयाना किया, जिसका वह नाम नहीं जानती। इस बात से विक्रम के परिवार वाले नाराज थे और उसके परिवार वालों ने विक्रम पर दबाव बना कर वर्ष 2012 में पैसों के लेनदेन बारे थाना इंद्री में दरखास्त दिला दी थी, जिस पर मुकदमा दर्ज होकर अदालत में केस चला था। इस केस में दीनानाथ बरी हो गया था। दीनानाथ और रिंकू के खिलाफ मुकदमा हुआ दर्ज जुलाई 2019 में विक्रम ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विक्रम की मौत के संबंध में भी दीनानाथ व उसके भाई रिंकु के खिलाफ इंद्री थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। दीनानाथ इस मुकदमें में अदालत से जमानत पर था। मृतक विक्रम के घर वाले मधुसूदन व उसके दोनों लड़के रवि व रजत, अनिरुद्ध व उसके दोनों लड़कों सहित कई लोग दीनानाथ को बार-बार तंग करने लगे। उसके पास 11 अक्टूबर 2023 को सूरज, परमिंदर व ऋषिपाल दीनानाथ के खेत में ट्यूबवल पर मौजूद थे। और दीनानाथ अंबाला था। सीआईए इंचार्ज पर छोड़ने के नाम पर 25 लाख की डिमांड का आरोप उस समय ऋषिपाल की खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस केस में पुलिस ने सूरज व परमिंद्र को गिरफ्तार किया था। इसी केस में ऋषिपाल के परिजनों ने दबाव बनाकर दीनानाथ को भी गिरफ्तार करवा दिया था। केस की शुरूआती जांच में तत्कालीन CIA इंचार्ज दीनानाथ के भाई रिंकू को जबरदस्ती उठाकर ले गए ओर उसका रिमांड लिया और बाद में पैसे लेकर उसे छोड़ दिया। इतना ही नहीं इंचार्ज ने दीनानाथ को छोड़ने के लिए 25 लाख रुपए की डिमांड की थी। 25 लाख देने से इंकार करने पर 120B लगाई परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस को 25 लाख रुपए देने से मना कर दिया तो दीनानाथ के ऊपर धारा 120B लगा दी गई। पूनम ने बताया कि इस केस में दीनानाथ को फंसाने वालों के नाम उसने सुसाइड करने से पहले खुद नोट में लिखे हैं। सुसाइड नोट वीडियो में लिए नाम तत्कालीन सीआईए इंचार्ज, जांच अधिकारी, आशीष पुत्र ऋषिपाल, आशीष के दो मामे व एक फूफा, रामफूल पुत्र भीम, विरपाल पुत्र लाखन, अशोक पहलवान, साहिल पुत्र तरसेम, बीसपाल पुत्र लख्मीचंद, गौरव पुत्र राजबीर, अजय पुत्र राजबीर, मधुसुदन व उसके दोनों लड़के, अनिरुद व उसके दोनाें लड़के, ललित, नीमू, विष्णु व उसका लड़का, पवन, नरेश, प्रेमो, अशोक, अंग्रेज सैनी(दर्जी) व प्रीत बरौली। उधर दीनानाथ ने मरने से पहले वीडियो भी बनाया था जिसमें उसने कहा कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, जिसके चलते वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा है। कोई भी सुलझा हुआ इन्सान अपनी जान नहीं देता, लेकिन वह डेढ़ साल से परेशान है और एक साल से घर से बाहर है। आरोपियों से जबरदस्ती उगलवाया उसका नाम दीनानाथ ने बताया कि उसके खिलाफ पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है, लेकिन फिर भी उसे जबरदस्ती केस में फंसाया गया। पुलिस द्वारा दो अन्य आरोपियों से मारपीट कर उसका नाम जबरदस्ती उगलवाया गया। इतना ही नहीं उसके भाई रिंकू को भी पुलिस द्वारा अवैध रूप से कस्टडी में रखा गया। दीनानाथ ने कहा आरोपियों की नीयत उससे पैसा ऐंठने की थी, जिसमें सबसे बड़े जिम्मेदार तो वे हैं जिन्होंने सारा मामला जानते हुए भी उसके ऊपर कार्रवाई की। सबसे बड़े जिम्मेदार तो वे हैं, जिन्होंने उसके केस में झूठी इन्वेस्टिगेशन की जिसमें तत्कालीन सीआईए इंचार्ज व इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर शामिल है। पैसों के लालच में केस में फंसाने का आरोप दीनानाथ ने आरोप लगाया कि इन्होंने पैसों के लालच में आशीष न अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके खिलाफ झूठा केस दर्ज किया। वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुका है। छह माह वह जेल में रहा है। वह सात दिन की बेल लेकर बाहर आया था। उसके बाद वह बहुत परेशान हो गया, जिस कारण वह वापिस जेल नहीं गया। दीनानाथ ने आरोप लगाया कि उसे जेल में भी काफी परेशान किया गया, जिसकी उसने एक बार जेल मंत्री अरविंद शर्मा की जेल में विजिट के दौरान शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बाद उसे जेल में और भी ज्यादा परेशान किया जाने लगा। मुलाना पुलिस बोली: हमें नहीं पता दीनानाथ को अस्पताल कौन लेकर आया मामले में मुलाना पुलिस से जांच अधिकारी जगदीप मोर ने कहा कि उन्हें अस्पताल से सूचना मिली थी दीनानाथ ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है। परिजनों द्वारा शिकायत सौंपी गई है, जिसपर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मृतक के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित कई लोगों के नाम लिखे हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर जो कार्रवाई बनेगी वो करेगी।

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