132 केवी क्षमता की एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन के खतरे की जद में आ रहे 814 मकानों की छत छज्जे और बाउंड्रीवाल तोड़ने की कार्रवाई सोमवार से शुरू की जाएगी। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने इसकी तैयारी कर ली है। कंपनी द्वारा भानपुर और देवकी नगर इलाके से यह कार्रवाई शुरू की जाएगी। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अंतिम बार नोटिस देने के बाद भी इन मकान मालिकों ने हाई टेंशन लाइन के पास बना निर्माण स्वयं नहीं हटाया। नोटिस के जरिए इन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई थी आप नहीं हटाएंगे तो हम तोड़ेंगे। ये 814 मकान शहर के 9 इलाकों की 21 कॉलोनी और मोहल्लों में हैं। इनके अलावा गोविंदपुरा के 2 कारखाने भी शामिल हैं। कंपनी ने हाइटेंशन लाइन के आसपास ऐसे इलाकों में जहां कॉलोनी और प्लाट काटे जा रहे हैं उनका भी सर्वे किया था। कंपनी के चीफ इंजीनियर डी के अग्रवाल ने बताया कि अब जिला प्रशासन की मदद से कार्रवाई की जाएगी । ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 132 केवी बैरागढ़-गोविंदपुरा लाइन के नीचे निर्माण करते समय कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इन इलाकों में लोगों को यह कहकर प्लॉट बेचने के नाम पर झांसा दिया जा रहा है कि यह हाइटेंशन लाइन जल्द शिफ्ट हो जाएगी या उसे निष्क्रिय घोषित कर दिया जाएगा। मुनादी कर लोगों को सतर्क किया गया था। अधिकारी और कर्मचारी व्यक्तिगत तौर पर भी कई बार समझाइश दे चुके हैं। इसके बावजूद ये निर्माण नहीं हटे। इन प्रमुख इलाकों में हैं ये कॉलोनियां
