वाराणसी में चार साल पहले नेशनल लेवल खिलाड़ी पर फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है। स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट ने पुलिस की चार्जशीट, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर नामजदों को दोषी पाया। कोर्ट ने होटल कारोबारी समेत 11 आरोपियों को फायरिंग करवाने, गोली मरवाने और गाली गलौज, धमकाने समेत अन्य अपराधों में अलग-अलग दोषी पाया। अब कोर्ट इस मामले में 15 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय की कोर्ट स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यूपीएसईबी) वाराणसी के न्यायाधीश विनोद कुमार ने जानलेवा हमले के मामले में फैसला दिया। अभियोजन की तरफ से रोहित मौर्य ने कोर्ट में दलीलें पेश की। होटल में वेश्यावृत्ति का किया था विरोध बताया कि 29 सितंबर 2021 को अशोक कुमार सिंह के पुत्र विशाल कुमार सिंह पर हमले का केस दर्ज कराया था। इसमें बताया कि उनका बेटा नेशनल शूटर है और उसको नकाबपोश हमलावरों ने गोलियों से घायल कर दिया। उसके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई और लहूलुहान होने पर हमलावर मृत समझकर भाग निकले। विशाल कुमार सिंह लगातार विजयनगरम मार्केट कैंट होटल में अवैध होटल वेश्यावृत्ति और कॉलेज के लड़के लड़कियों को रूम देने का विरोध किया करते थे, उनके द्वारा लगातार पुलिस अधिकारी उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र आईजीआरएस प्रार्थना पत्र के माध्यम से सूचित किया गया था। इसके बाद पुलिस ने दबाव बढ़ने पर कार्रवाई की और होटल संचालकों पर शिकंजा कसा। पुलिस कार्रवाई से क्षुब्ध होकर 29 सितंबर को गोली पंकज गुप्ता ने पहले धमकी दी फिर गोली मरवाने की बात कही। अब जानिए घटनाक्रम 29 सितंबर 2021 को इंग्लिशिया लाइन निवासी सामाजिक कार्यकर्ता व नेशनल शूटिंग खिलाड़ी विशाल सिंह पुत्र अशोक कुमार सिंह विजया नगरम मार्केट स्थित बबलू पाल की दूध डेयरी के बाहर खड़े थे। रात्रि करीब नौ बजे समीप पड़ोस के ही एक युवक के साथ कुछ बातचीत हो रही थी। इस दौरान पीछे से आए नकाबपोश बदमाश ने विशाल के पेट में पिस्टल सटाकर गोली मार दी। जमीन पर तड़पता देख बदमाश ने दूसरी गोली मारने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद एक स्थानीय युवक ने उसे पकडऩे का प्रयास किया। गोली चलते ही आसपास की दुकानें बंद हो गईं, जबकि बदमाश हाथ छुड़ाकर मौके से भाग निकला। प्राथमिक सूचना के आधार पर इलाकाई पुलिस हमलावर की तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। होटल कारोबारी पर लगा था आरोप गोलीकांड में घायल विशाल सिंह के पिता की तहरीर पर 12 लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट व साजिश रचने के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें सरफराज, वसीम, परवेज, शाहजहां, नुसरत नूरानी, जैनुलहक, अनुज, अनूप, रतन, रवि, तौफीक के साथ पंकज गुप्ता ने षड्यंत्र करके पंकज गुप्ता द्वारा विशाल सिंह को गोली मारी गई, जिसके बाद विशाल सिंह को सिंह मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उसके बाद उनको वेदांता गुड़गांव अस्पताल भेजा गया जहां पर उनकी ऑपरेशन तमाम इलाज की गई चिकित्सीय परीक्षण किया गया। पुलिस की चार्जशीट के बाद दौरान ट्रायल अभियोजन द्वारा कुल 12 गवाह को कोर्ट में पेश कराया गया । न्यायालय द्वारा शुक्रवार को सभी 11 अभियुक्तों को दोष सिद्ध किया गया। सजा के लिए 15 सितंबर की तारीख तय कर दी गई। एक अभियुक्त दौरान विचारण अनूप गुप्ता चंकी की मृत्यु हो गई थी।
