मेरठ के LLRMमेडिकल कॉलेज में सर्पदंश से जूझ रहे मरीज की जान डॉक्टरों ने 10 दिन इलाज कर बचा ली। मेडिसिन विभाग के प्रभारी डॉ. अरविंद ने बताया कि हापुड़ के धनपुर गांव निवासी 22 वर्षीय प्रशांत को 5 अक्तूबर को गांव में ही जहरीले सांप ने दाहिने हाथ की उंगली में काट लिया था। परिवार वालों ने बिना देरी किए उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज शुरू किया गया। शुरूआत में गंभीर थी हालत शुरुआत में मरीज की हालत नाजुक थी। हाथ में तेज सूजन, रक्तस्राव, मूत्र में खून और ब्लड प्रेशर गिरने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे थे। डॉक्टरों की टीम ने लगातार मॉनिटरिंग की और सही समय पर एंटी स्नेक वेनम देने के साथ अन्य जरूरी उपचार किए। सात दिन बाद मरीज में सुधार शुरू हुआ और दसवें दिन वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। सर्पदंश के 39 केस, दो की मौत देर से आने के कारण
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, केवल सितंबर महीने में ही 39 मरीज सर्पदंश के कारण भर्ती हुए। इनमें से 28 मरीजों को विषैले सांपों ने काटा था। डॉक्टरों की कोशिश से 35 मरीज पूरी तरह ठीक होकर घर लौटे, जबकि दो गंभीर मरीजों को उच्चतर केंद्र रेफर करना पड़ा और दो मरीजों की मौत इसलिए हो गई क्योंकि वे देर से अस्पताल पहुंचे।
