शिवहर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। हिंदू कैलेंडर में श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। इस पवित्र अवसर पर भक्तों ने बड़ी संख्या में शिव मंदिरों का रुख किया। धनकौल के शिवलाल राम अपने परिवार के साथ दंडवत करते हुए धनकौल से देकुली धाम तक पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन के सोमवार को शिव पूजा करने से विशेष आशीर्वाद मिलता है। जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम पर भी भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन की निगरानी में महिलाएं और पुरुष कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे थे। श्रावण मास वर्षा ऋतु में आता है, जब प्रकृति हरी-भरी और शांत होती है। यह वातावरण शिव पूजा के लिए अनुकूल माना जाता है। इस महीने को आत्मनिरीक्षण, ध्यान और भगवान शिव के साथ आध्यात्मिक संबंध स्थापित करने का उत्तम समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव के नीलकंठ, नटराज और महामृत्युंजय स्वरूप की पूजा करने से असीम कृपा प्राप्त होती है। इसी कारण श्रद्धालु सावन के सोमवार को विशेष महत्व देते हैं और बड़ी संख्या में शिवालयों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
