वाराणसी तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए मारीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम शुक्रवार को सुबह श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। इस आध्यात्मिक यात्रा में उन्होंने न केवल बाबा विश्वनाथ का विधिवत पूजन किया, बल्कि वाराणसी की प्रसिद्ध बनारसी साड़ी की खरीदारी कर भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति अपनी आस्था भी प्रकट की। खास बात यह रही कि उन्होंने इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक मारीशस द्वारा जारी अंतरराष्ट्रीय रूपे डेबिट कार्ड से भुगतान कर दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को एक नई दिशा दी। पहले देखें तीन तस्वीर… काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना सुबह 9:43 बजे डॉ. रामगुलाम अपनी पत्नी वीना रामगुलाम के साथ श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही 11 ब्राह्मणों ने मंगल स्वस्तिवाचन कर उनका पारंपरिक स्वागत किया। गर्भगृह में मंदिर के अर्चक टेकनारायण उपाध्याय और नीरज पांडेय ने उन्हें षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन कराया। उन्होंने बाबा को पंचामृत अर्पित किया और रुद्री पाठ कर विश्व शांति, दोनों देशों की समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। भावविभोर हुए मारीशस के पीएम मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण से मारीशस के प्रधानमंत्री इतने अभिभूत हुए कि उन्होंने कहा, “काशी आकर आत्मिक शांति मिली।” उन्हें बाबा विश्वनाथ का प्रसाद स्वरूप रुद्राक्ष की माला और बेलपत्र भेंट किया गया। माथे पर चंदन तिलक लगाकर पुजारियों ने उनका सम्मान किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से स्वागत किया। राज्यपाल ने भेंट की मीनाकारी मंदिर की प्रतिकृति श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की इस भव्य यात्रा के बाद उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें जीआई टैग प्राप्त *गुलाबी मीनाकारी* से बनी मंदिर की आकर्षक प्रतिकृति भेंट की। इस अनुकृति को बनारस के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पी कुंजबिहारी ने एक महीने में तैयार किया था। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से तैयार किया गया है। इस दौरान वित्त राज्य मंत्री सुरेश खन्ना भी उपस्थित रहे। बनारसी साड़ी खरीदी, रूपे कार्ड से किया भुगतान काशी दर्शन के बाद प्रधानमंत्री डॉ. रामगुलाम स्थानीय व्यापार को समर्थन देने के उद्देश्य से धानुका सिल्क बनारस पहुँचे। यहां उन्होंने बनारसी साड़ी की खरीदारी की और भारतीय स्टेट बैंक मारीशस के अंतरराष्ट्रीय रूपे डेबिट कार्ड से भुगतान किया। यह लेनदेन पूरी तरह सफल रहा। एसबीआई अधिकारियों के अनुसार, यह दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्रा में लेन-देन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब देखिए प्रधानमंत्री डॉ राम गुलाम की वाराणसी दौरे की अन्य तस्वीर
