जरूरत की खबर- सुबह के समय गले में रहती खराश:बारिश में बढ़ती समस्या, सुबह उठकर करें ये पांच काम, बरतें 10 जरूरी सावधानियां

मानसून में बारिश के साथ ठंडक और राहत आती है। भीनी खुशबू और पानी की फुहारें तन-मन को ताजगी से भर देती हैं। हालांकि, इस मौसम की बड़ी समस्या ये है कि राहत के साथ इन्फेक्शन भी बढ़ते हैं। लगातार नमी में फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसमें सबसे कॉमन गले में इन्फेक्शन है। किसी को जुकाम हो या नहीं, मानसून में सुबह सोकर उठने पर गले में खराश सी लगती है। इसके कारण सुबह कुछ भी खाना-पीना अजीब सा लगता है। गले में हल्का दर्द भी महसूस होता है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड डायग्नोस्टिक रिसर्च के मुताबिक, मानसून में गले में इन्फेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में हम मानसून में होने वाली गले की खराश के बारे में जानेंगे। साथ ही जानेंगे कि- मानसून में बढ़ती है गले में खराश मानसून में लगभग हर किसी को गले में खराश की समस्या होती है, जिसमें गले में दर्द, जलन या खरखराहट महसूस होती है। सुबह सोकर उठने पर यह समस्या बढ़ जाती है, जब हम कुछ निगलते हैं तो ये तकलीफ और ज्यादा बढ़ जाती है। यूं तो गले में खराश साल के किसी भी मौसम में हो सकती है, लेकिन बारिश के मौसम में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि बारिश के कारण हवा में बढ़ती नमी और संक्रमण फैलाने वाले कणों की मात्रा का बढ़ जाती है। ये हैं गले में खराश के मुख्य कारण बारिश का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। इनमें सबसे कॉमन औ फ्रक्वेंट समस्या गले में खराश है। इसके पीछे 5 मुख्य कारण ये हैं- 1. वायरल इन्फेक्शन: मानसून के दौरान सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसे वायरल संक्रमण बहुत तेजी से फैलते हैं। ये गले में दर्द या जलन की सबसे बड़ी वजह बनते हैं । 2. बैक्टीरियल इन्फेक्शन: बारिश में नमी बढ़ जाती है, जिससे स्ट्रेप्टोकोकस पाइोजीनस नामक बैक्टीरिया पनपता है। यही बैक्टीरिया स्ट्रेप थ्रोट ( गले में तीव्र इन्फेक्शन) का कारण बनता है। 3. एलर्जी: नमी के चलते हवा में मौजूद धूल-मिट्टी और पोलेन यानी पराग कण से एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। इससे पोस्ट-नेजल ड्रिप होता है यानी नाक से बलगम गले में जाता है, जिससे गले में जलन होती है। 4. गंदगी: बारिश का पानी हवा में मौजूद धूल और गंदगी को नीचे गिराता है। इससे कई बार गले में इरिटेशन या खराश महसूस होती है। 5. फंगल इन्फेक्शन: नमी भरे मौसम में फंगस तेजी से फैलते हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इससे गले का संक्रमण हो सकता है। गले में इन्फेक्शन के क्या लक्षण हैं? गले में इन्फेक्शन होने पर व्यक्ति को गले में जलन, चुभन या दर्द महसूस होता है। निगलते समय परेशानी या दर्द बढ़ सकता है। कई बार आवाज भारी या बैठी हुई लगती है। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- गले में खराश से बचने के लिए क्या करें? गले की समस्या को पूरी तरह टालना शायद मुश्किल हो, लेकिन कुछ सावधानियों से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है: अगर मानसून में सुबह गले में खराश है तो करें ये 5 काम अगर आपको या घर में किसी को मानसून में सुबह उठने पर गले में खराश महसूस हो रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपाय हैं, जिससे राहत मिल सकती है। 1. गरम पानी में नमक डालकर गरारे करें यह सबसे आसान और असरदार तरीका है। एक गिलास गरम पानी में एक चम्मच नमक मिलाएं और 2-3 बार गरारे करें। इससे गले की सूजन और जलन में राहत मिलती है। 2. शहद और गरम पानी एक चम्मच शहद को गरम पानी या हर्बल चाय में मिलाकर पिएं। शहद में ऐसे प्राकृतिक गुण होते हैं, जो गले के संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं और गले को आराम देते हैं। 3. पानी ज्यादा पिएं अगर गले में कोई इन्फेक्शन है या सूजन है तो गला सूखने पर ये समस्या अधिक महसूस होती है। इसलिए कुछ-कुछ देर में गुनगुना पानी पीते रहें। पानी पीने से मन ऊब रहा है तो हर्बल चाय या सूप भी पी सकते हैं। इससे गला नम रहेगा और जलन कम महसूस होगी। 4. भाप लें मानसून में सुबह गले में खराश होने पर गरम पानी की भाप लेने से राहत मिलती है। अगर जुकाम भी है तो बंद नाक में भी आराम मिलता है। भाप लेने से पहले बर्तन को गर्म आंच से जरूर उतार लें। 5. गले को आराम दें सुबह उठकर बहुत बोलने से बचें। तेज बोलने या गले पर जोर डालने से दर्द बढ़ सकता है। अगर गले में खराश है या दर्द हो रहा है तो गले को आराम दें, ताकि जल्दी राहत मिल सके। गले की खराश से बचा सकती हैं ये अच्छी आदतें बारिश के मौसम में सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, कुछ अच्छी आदतें गले की सूजन और दर्द से बचा सकती हैं। अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में ये आदतें शामिल करें तो गले की खराश जैसी कई बीमारियों से बच सकते हैं। …………………….. ये खबर भी पढ़ें जरूरत की खबर- समोसा-जलेबी पर खतरे की चेतावनी जरूरी: शुगर, बीपी बढ़ा रहे हमारे फेवरेट स्नैक्स साल 2021 में भारत सरकार द्वारा किए गए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक, भारत के लगभग 23% पुरुषों और 24% महिलाओं का वजन सामान्य से ज्यादा है। पूरी खबर पढ़िए…

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