अंबेडकरनगर में ग्रामीण क्षेत्रों में अब पेयजल योजनाओं की सुविधा मुफ्त नहीं मिलेगी। जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए प्रत्येक कनेक्शनधारक को प्रतिमाह 50 रुपये जलशुल्क देना होगा। जिला प्रशासन के इस निर्णय से जिले के लगभग 3.16 लाख परिवारों पर हर माह 1.58 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आदेशानुसार, प्रत्येक लाभार्थी परिवार से अनिवार्य रूप से 50 रुपये मासिक शुल्क वसूला जाएगा। यह राशि ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के समर्पित बैंक खाते में जमा की जाएगी और इसका लेखा-जोखा रजिस्टर में दर्ज करना होगा।जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंप हाउसों के संचालन के लिए जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था हर ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से होनी चाहिए, ताकि पानी की आपूर्ति बाधित न हो। खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को अपने-अपने क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में शुल्क वसूली और संचालन व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और प्रत्येक माह रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। डीएम ने बताया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल हर घर जल योजना नहीं, बल्कि जल की लगातार और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करना भी है।पिछले कुछ वर्षों में जिले के अधिकांश गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप पेयजल योजनाएं संचालित की गई हैं। अब वसूला जाने वाला मासिक शुल्क पंप संचालन, बिजली बिल भुगतान, पाइपलाइन की मरम्मत, मोटर बदलने और अन्य आवश्यक रखरखाव कार्यों में खर्च किया जाएगा।जल निगम के एक्सईएन कमलाशंकर के अनुसार, जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में 3.16 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य है, जिनमें से अब तक 2.91 लाख कनेक्शन हो चुके हैं। सभी कनेक्शनधारकों से 50 रुपये प्रतिमाह की दर से लगभग 1.58 करोड़ रुपये मासिक राजस्व जुटाया जाएगा, जिससे योजना की स्थायी कार्यप्रणाली को बनाए रखना संभव होगा।
