कोरबा के राम-जानकी मंदिर परिसर में जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। मेले में कुल 1235 मरीजों का सफल उपचार हुआ। इनमें 830 मरीजों का आयुर्वेद और 405 मरीजों का होम्योपैथी पद्धति से इलाज किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत मौजूद रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। जिला कलेक्टर अजीत वसंत, एडीएम अनुपम तिवारी और कोहड़िया वार्ड के पार्षद नरेन्द्र देवांगन भी मौजूद रहे। मेले में मरीजों को सिखाए गए योगासन मेले में मरीजों को पंचकर्म, एक्युप्रेशर, एक्युपंचर और नेचुरोपैथी की सुविधाएं दी गई। वात रोग के मरीजों को योग चिकित्सा दी गई। मरीजों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, माइग्रेन और सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए योगासन सिखाए गए। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.के. दानी ने निःशुल्क आंखों की जांच की। 28 मरीजों की बवासीर और भगंदर जैसी बीमारियों की जांच की गई। 8 मरीजों को शल्यक्रिया के लिए जिला अस्पताल के आयुष विंग में भेजा गया। मेले में सभी लोगों को आयुष अमृत काढ़ा भी बांटा गया। मेले में छत्तीसगढ़ के 36 औषधीय पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। महापौर संजू देवी राजपूत ने आयुष चिकित्सा को बीमारियों के जड़ से इलाज का कारगर तरीका बताया। डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि सरकार आयुष को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
