सीवान के गोपालगंज मोड़ से जेपी चौक तक कार्यपालक सहायकों ने शुक्रवार को कैंडल मार्च निकाला। ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर कार्यपालक सहायकों का आंदोलन लगातार जारी है। कई बार अपील के बाद भी समाधान नहीं इस मार्च में जिले के सभी कार्यपालक सहायकों ने हिस्सा लिया। मार्च से पहले सभी ने काला बिल्ला लगाकर विरोध किया । उनका कहना कि, सरकार से लंबे समय से अपील की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में कैंडल मार्च के जरिए सरकार तक संदेश पहुंचाया गया। समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं इस पर जिला सचिव ने कहा कि, कार्यपालक सहायकों की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि, सरकार जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज होगा। वहीं, जिला अध्यक्ष ने कहा कि ग्यारह सूत्री मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। कैंडल मार्च शांतिपूर्ण रहा। इसमें शामिल कार्यपालक सहायकों ने कहा कि, उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान करेगी। आकस्मिक निधन पर 40 लाख रुपये मिले मुआवजा कार्यपालक सहायकों की मांगों में सेवा संवर्ग का गठन कर स्थायीकरण करते हुए राज्यकर्मी का दर्जा देने, वेतनमान उपलब्ध कराने, सातवें वेतन आयोग के अनुरूप लेवल 4 से 6 के बीच मानदेय तय करने, पद की न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट करने, ईपीएफ का लाभ नियुक्ति की तिथि से लागू करने, हटाए गए सहायकों का समायोजन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के आलोक में करने और आकस्मिक निधन पर उपादान कम से कम 40 लाख रुपये करने की मांग शामिल है। मार्च के दौरान कार्यपालक सहायकों ने सरकार से अपील की कि उनकी जायज मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि उन्हें मजबूरन कठोर आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े।
