उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ थाने में अभद्रता और मारपीट के आरोप में पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने एक उपनिरीक्षक (दरोगा) और एक हेड मोहर्रिर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आरोपों की पुष्टि होने के बाद की गई। इस घटना से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। सोमवार को एक युवती ने अचलगंज थाना क्षेत्र के एक युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। युवती का आरोप था कि युवक उसका वीडियो बनाकर शादी के लिए दबाव बना रहा है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने बुधवार को युवक को हिरासत में लेकर थाने बुलाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवक को थाने लाने के बाद उपनिरीक्षक दिनेश मणि पांडेय और हेड मोहर्रिर रत्नेश मिश्र ने पूछताछ के दौरान उससे कथित तौर पर अभद्रता की और मारपीट कर प्रताड़ित किया। आरोप यह भी है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने मामला दर्ज करने के बजाय पीड़ित पक्ष से समझौते के नाम पर पैसे की मांग की और उगाही की। थाने में हुई इस घटना से युवक और उसके परिजनों में गहरा आक्रोश फैल गया। गुरुवार देर रात पीड़ित युवक के परिजनों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी दी और न्याय की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दरोगा दिनेश मणि पांडेय और हेड मोहर्रिर रत्नेश मिश्र को निलंबित कर दिया। उन्हें कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और आमजन से दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित किया गया है। एसपी जय प्रकाश सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “कानून के रखवाले यदि खुद कानून तोड़ेंगे तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” इस पूरे प्रकरण की आगे की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) बिहार सर्किल को सौंपी गई है। निलंबित किए गए दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी चलेगी।
