आज करवा चौथ का व्रत है। सुहागिन महिलाएं दिनभर निर्जल और निराहार रहकर पति की लंबी उम्र की कामना कर रही हैं। पारंपरिक परिधान पहनकर महिलाएं पूजा-अर्चना और कथा सुनेंगी। रात में चांद को अर्घ्य अर्पित करेंगी। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलेंगी। शहरों में जगह-जगह सामूहिक पूजा और कथा का आयोजन किया गया है। जयपुर में रात 8:24 पर दिखेगा चांद जयपुष्य एस्ट्रोनॉमी सोसाइटी के अध्यक्ष गोविंद दाधीच ने बताया- इस बार करवा चौथ पर वृष राशि में उच्च का चंद्रमा रहेगा, जो सौभाग्यवती महिलाओं के लिए शुभ फलदायी है। राजस्थान के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग रहेगा। भरतपुर में चांद सबसे पहले रात 8:15 बजे दिखाई देगा। जयपुर में चांद रात 8:24 बजे दिखाई देगा। सिद्धि योग और शुभ नक्षत्र का संयोग इंटरनेशनल एस्ट्रोलॉजी रिसर्च सेंटर के चेयरमैन ज्योतिषाचार्य पवन शर्मा ने बताया- आज सूर्योदय से रात 9:39 बजे तक सिद्धि योग रहेगा। शाम 5:31 बजे तक कृतिका नक्षत्र और उसके बाद रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इन दोनों के योग में किया गया करवा चौथ व्रत विशेष फलदायी माना गया है। शास्त्रों में करवा चौथ को ‘करक चतुर्थी व्रत’ कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने और कथा सुनने से वैवाहिक जीवन में सुख, सौभाग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
