आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र के नौशहरा गांव के रहने वाले लोको पायलट की पिटाई के बाद जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से मृतक दुर्गेश कुमार 23 पुत्र इन्दल कुमार का परिवार दुख के साथ काफी गुस्से में है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। आने जाने वाले लोगों को गांव के लोग शक की नजरों से देख रहे हैं। बाहर आने जाने वाले लोगों से परिवार के लोग कोई बात नहीं करना चाहते। मृतक के परिजन पुलिस प्रशासन की लापरवाही से काफी दुखी हैं। जीयनपुर थाने की पुलिस पर परिजन गंभीर आरोप भी लगा रहे हैं। मृतक के परिजनों का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों का थाने पर बेरोक टोक आना जाना है। बावजूद इसके अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। हालांकि इस घटना के बाद गांव में फोर्स लगा दी गई है। मृतक लोको पायलट दुर्गेश के पिता इंदल कुमार की बेटे की मौत के बाद लगातार हालात बिगड़ रही है। घर की महिलाएं बुजुर्ग इंदल कुमार को संभाल रही हैं। लोको पायलट के घर के बाहर बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष बैठे हैं पर आने-जाने वाले लोगों से कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। घटना के मामले में आसपास के लोग भी कुछ भी बोलने से पूरी तरह से बच रहे हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर ने इस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की तो कई बातें निकलकर सामने आई…. 4 वर्षों से चल रहा था प्रेम संबंध दैनिक भास्कर की टीम जब जीयनपुर इस पूरे मामले की पड़ताल करने पहुंची तो कई बातें निकलकर सामने आई। जीयनपुर के रहने वाले दुर्गेश कुमार का 2021 में लोको पायलट पद पर चयन हुआ था। दुर्गेश कुमार की पहली पोस्टिंग गोरखपुर थी जबकि दूसरी पोस्टिंग चंडीगढ़ थी। नौकरी में आने से पहले दुर्गेश कुमार का घर से 100 मीटर की दूरी पर रहने वाली गणेश यादव की बेटी से प्रेम संबंध हो गया। गणेश यादव ठेले पर अंडा बेचने का काम करता है। इन चार वर्षो में दोनों पक्षों के बीच कई बार विवाद भी हुआ। 15 दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई थी और लड़की को समझाने की भी बात कही गई थी। गांव के लोगों ने दबी जुबान इस बात को भी बताया की जिस गणेश कुमार की बेटी से लोको पायलट का प्रेम संबंध था। वह लड़की आईफोन का इस्तेमाल करती थी। जबकि लड़की के पिता ठेला लगाकर अंडा बेचने का काम करते थे। वही इस बारे में लड़की के परिजनों से बात करने का प्रयास किया पर घर की महिलाओं ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। आश्वासन के 24 घंटे बाद भी नहीं हो सकी आरोपियों की गिरफ्तारी दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए मृतक दुर्गेश कुमार के बड़े भाई अजीत कुमार ने बताया कि सोमवार को जब हम लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद डेड बॉडी को आजमगढ़ गोरखपुर हाईवे पर रखकर जाम किया था। तो मामले की जानकारी मिलने के बाद जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन मौके पर पहुंचे थे। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने 24 घंटे में घटना में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार करने का लिखित आश्वासन भी दिया था। 24 घंटे से अधिक का समय बीत गया है। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी ना होना दुखद है। बड़े भाई अजीत कुमार का कहना है कि प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। इस हत्याकांड में भले ही छह आरोपियों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है पर बड़े भाई का सबसे अधिक गुस्सा ज्ञानेंद्र मिश्रा को लेकर हैं। अजीत कुमार ने ज्ञानेंद्र मिश्रा सहित सभी घटना में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। एक नजर में पूरा घटनाक्रम आजमगढ़ में लोको पायलट की रविवार देर रात पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि छह लोगों ने उसे बहाने से बुलाकर जमकर पीटा। फिर उसे जहर पिला दिया। जब युवक अचेत हो गया तो सुनसान जगह पर मरा समझकर फेंक कर चले गए। युवक के पास दो मोबाइल थे, जिसमें से एक मोबाइल आरोपियों ने छीन लिया। पीड़ित युवक ने दूसरे मोबाइल से अपने छोटे भाई को फोन किया और पूरी बात बताई। छोटा भाई ने मौके पर पहुंचकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने डेड बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने डेड बॉडी परिजनों को सौंपी तो परिजनों ने आजमगढ़-गोरखपुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। तनाव को देखते हुए मौके पर 8 थानों की फोर्स और PAC तैनात है। एसपी ग्रामीण चिराग जैन परिजनों को समझा बुझाकर जाम को समाप्त कराया। सोमवार की देर रात जाम समाप्त कराने पहुंचे जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन घटना में शामिल सभी छह आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का लिखित आश्वासन भी दिया था। PET का पेपर देने आया था दुर्गेश दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बड़े भाई अजीत ने बताया- भइया PET का एग्जाम देने के लिए चंडीगढ़ से 2 सिंतबर को घर आए थे। 6 सिंतबर में PET का पेपर था। उनका सेंटर सहारनपुर गया था। वो 7 सितंबर को पेपर देकर घर वापस आए थे। उसी दिन गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र मिश्रा ने फोन करके भाई को जीयनपुर चौकी के पास बुलाया। वो किसी समझौते की बात करने को कह रहे थे। अजीत ने बताया- भईया यहां से अकेले गए थे। उन लोगों की तरफ से 6 लोग- गणेश यादव, अजय यादव, श्रवण यादव, शेरू यादव, गोविंद यादव और ज्ञानेंद्र मिश्रा आए थे। इन सभी लोगों ने मेरे भाई दुर्गेश को बुरी तरह मारा-पीटा। जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। फिर उन्हें जहर पिला दिया। इसके बाद मरा हुआ समझकर उसे गांव के बाहर सुनसान जगह पर फेंक दिया। सभी आरोपी वहां से भाग गए। 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज अजीत ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। अजीत की शिकायत पर पुलिस ने ज्ञानेंद्र मिश्रा, गणेश यादव सहित 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
